पत्नी मैं बचूंगी नही मर जाउंगी

पत्नी : मैं बचूंगी नही मर जाउंगी!
पति : मैं भी मर जाऊंगा!
पत्नी : मैं तो बीमार हूँ इसलिए मर जाउंगी लेकिन तुम किस लिए ????
पति : मैं इतनी खुशी बर्दास्त नही कर पाउँगा!

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म्रता से बात करना, हर एक का आदर करना

?? *आज का विचार* ??

(Thought of the Day)
*”नम्रता से बात करना, हर एक का आदर करना, शुक्रिया अदा करना और यदि आवश्यक हो तो, माफी भी माँग लेना, ये गुण जिसके पास हैं, वो सदा सबके करीब औऱ सबके लिये खास है।”*

 

?? *सुप्रभात* ??

इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है

इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है,
निगाह को किसी सूरत की प्यास रहती है,
तेरे बिना जिन्दगी में कोई कमी तो नही,

फिर भी तेरे बिना जिन्दगी उदास रहती है॥

माना की मोहोब्बत के किस्से मशहूर होते है

माना की मोहोब्बत के किस्से मशहूर होते है,
मगर दुनिया के भी कुछ अपने दस्तूर होते है,
दुनिया कायम है इसलिए की वो है पत्थर की,

जबकि शीशे कें दिल ही चकना चूर होते है.

इतिहास के टीचर ने छात्र से पुछा

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इतिहास के टीचर ने छात्र से पुछा:

बताओ *अकबर का जन्म* कब हुआ..??

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जवाब सुनते ही टीचर बेहोश हो गया

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सर,, मैं तो स्कूल में पढ़ने आता हूँ,,
*”डिलेवरी”* थोड़ी कराता फिरता हूँ !!

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मास्टर जी बच्चो कंजूस किसे कहते हैं

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मास्टर जी _ बच्चो कंजूस किसे कहते हैं
छात्र _ जो 20 Message भेजने पर भी Reply ना करें
मास्टर जी _ बहुत अच्छे बेटा !  एक उदाहरण दो
छात्र _ आपकी बेटी ?
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एक आदमी कॉकरोच को मार रहा था

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एक आदमी कॉकरोच को मार रहा था।

मरने से पहले कॉकरोच ने

आदमी से आखिरी बार बोला…

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‘मार दे मुझे! डरपोक कहीं के!

तू मुझसे इसलिए चिढ़ता है

क्योंकि तेरी बीवी मुझसे

डरती है, तुझसे नहीं।’???

पत्नी अजी सुनते हो हमारी शादी करवाने वाले पंडित जी का देहांत हो गया

पत्नी:- अजी सुनते हो ? हमारी शादी करवाने वाले पंडित जी का देहांत हो गया

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पति:- एक ना एक दिन तो उसे उसके कर्मों का फल मिलना ही था.

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मै सब्जी वाले से बोला भैय्या 5kg टमाटर

मै सब्जी वाले से बोला “भैय्या 5kg टमाटर?? देना”

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पास खड़ी 2 महिलाओ मे से एक बोली-

लड़का अच्छे घर का लग रहा है, अपने पिंकी के लिए ठीक रहेगा???

ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं

*ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं*

*और*

*ना पास रहने से जुड़ जाते हैं*

*यह तो एहसास के पक्के धागे है*

*जो*

*याद करने से*

*और मज़बूत हो जाते है।*
Good morning

किसी ने हमसे पूछा कि तुम हर रोज

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??   *किसी ने हमसे पूछा कि तुम हर-रोज सुबह “गुड मॉर्निंग”* ??

??  *करके सबको याद करते हो,* ??

??    *तो क्या*??

??   *वो भी तुम्हे याद करते हैं.?* ??

??  *हमने कहाः* ??

??     *मुझे रिश्ता निभाना है,* ??

??      *मुकाबला नहीं करना..* ??

?? *हम सबके “दिलों” में रहना चाहते हैं,*??

?? *”दिमाग” में नहीं।*??
??  *”दुनियां के रेन बसेरे में..*??

?? *पता नही कितने दिन रहना है”* ??
?? *”जीत लो सब के दिलो को…* ??

?? *बस यही जीवन का गहना है”..!!*  ??

Good morning

??  ?

Morning Bell

?? *Morning Bell*??
? *जो व्यक्ति किसी दूसरे के चेहरे पर हँसी और जीवन में ख़ुशी लाने की क्षमता रखता है..*?

*_ईश्वर उसके चेहरे से कभी हँसी और जीवन से ख़ुशी कम नहीं होने देता।_*
?? *सुप्रभात*??

*आपका दिन शुभ हो*

एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था

*एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था।*

*जब भी फुर्सत मिलती वो आम के पेड के पास पहुच जाता।*

*पेड के उपर चढ़ता,आम खाता,खेलता और थक जाने पर उसी की छाया मे सो जाता।*

*उस बच्चे और आम के पेड के बीच एक अनोखा रिश्ता बन गया।*
*बच्चा जैसे-जैसे बडा होता गया वैसे-वैसे उसने पेड के पास आना कम कर दिया।*

*कुछ समय बाद तो बिल्कुल ही बंद हो गया।*
*आम का पेड उस बालक को याद करके अकेला रोता।*

*एक दिन अचानक पेड ने उस बच्चे को अपनी तरफ आते देखा और पास आने पर कहा,*

*”तू कहां चला गया था? मै रोज तुम्हे याद किया करता था। चलो आज फिर से दोनो खेलते है।”*
*बच्चे ने आम के पेड से कहा,*

*”अब मेरी खेलने की उम्र नही है*

*मुझे पढना है,लेकिन मेरे पास फीस भरने के पैसे नही है।”*
*पेड ने कहा,*

*”तू मेरे आम लेकर बाजार मे बेच दे,*

*इससे जो पैसे मिले अपनी फीस भर देना।”*
*उस बच्चे ने आम के पेड से सारे आम तोड़ लिए और उन सब आमो को लेकर वहा से चला गया।*

*उसके बाद फिर कभी दिखाई नही दिया।*

*आम का पेड उसकी राह देखता रहता।*
*एक दिन वो फिर आया और कहने लगा,*

*”अब मुझे नौकरी मिल गई है,*

*मेरी शादी हो चुकी है,*

*मुझे मेरा अपना घर बनाना है,इसके लिए मेरे पास अब पैसे नही है।”*
*आम के पेड ने कहा,*

*”तू मेरी सभी डाली को काट कर ले जा,उससे अपना घर बना ले।”*

*उस जवान ने पेड की सभी डाली काट ली और ले के चला गया।*
*आम के पेड के पास अब कुछ नहीं था वो अब बिल्कुल बंजर हो गया था।*
*कोई उसे देखता भी नहीं था।*

*पेड ने भी अब वो बालक/जवान उसके पास फिर आयेगा यह उम्मीद छोड दी थी।*
*फिर एक दिन अचानक वहाँ एक बुढा आदमी आया। उसने आम के पेड से कहा,*

*”शायद आपने मुझे नही पहचाना,*

*मैं वही बालक हूं जो बार-बार आपके पास आता और आप हमेशा अपने टुकड़े काटकर भी मेरी मदद करते थे।”*
*आम के पेड ने दु:ख के साथ कहा,*

*”पर बेटा मेरे पास अब ऐसा कुछ भी नही जो मै तुम्हे दे सकु।”*
*वृद्ध ने आंखो मे आंसु लिए कहा,*

*”आज मै आपसे कुछ लेने नही आया हूं बल्कि आज तो मुझे आपके साथ जी भरके खेलना है,*

*आपकी गोद मे सर रखकर सो जाना है।”*
*इतना कहकर वो आम के पेड से लिपट गया और आम के पेड की सुखी हुई डाली फिर से अंकुरित हो उठी।*
*वो आम का पेड़ हमारे माता-पिता हैं।*

*जब छोटे थे उनके साथ खेलना अच्छा लगता था।*

*जैसे-जैसे बडे होते चले गये उनसे दुर होते गये।*

*पास भी तब आये जब कोई जरूरत पडी,*

*कोई समस्या खडी हुई।*
*आज कई माँ बाप उस बंजर पेड की तरह अपने बच्चों की राह देख रहे है।*
*जाकर उनसे लिपटे,*

*उनके गले लग जाये*

*फिर देखना वृद्धावस्था में उनका जीवन फिर से अंकुरित हो उठेगा।*
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