​मरीज डॉ. साहब, जल्दी कुछ करो

मरीज: डॉ. साहब, जल्दी कुछ करो,
मेरे पैरों पर एक औरत ने गाड़ी चढ़ा दी
डॉक्टर ने अच्छे से चेक किया और पाया कि मामूली चोट है

पर मरीज घबराया हुआ है।
डॉक्टर: ओ हो भाई आपरेशन करना पड़ेगा, बहुत खर्चा आयेगा, तैयार हो ?
मरीज: कुछ भी करो जल्दी करो। कमीनी ने मरा सोच कर उठाया भी नहीं !
इतने में ही डॉक्टर की बीवी का फोन आया..
डॉक्टर:- हलो..
बीवी:- हलो छोड़ो,

ये बताओ मैं क्या करूं?

मुझसे कार चलाते में एक आदमी मर गया! सहारनपुर चौक पर।
डॉक्टर: आदमी ने कपड़े कैसे पहन रखे थे ?
पत्नी: हरी टी शर्ट और काली पैंट !
डॉक्टर: ओहो, तो उसे तुमने मारा है ! पुलिस खूनी को तलाश करती हुई घूम रही है
पत्नी: तो अब क्या करूं ?
डॉक्टर: करना क्या है, चार-छह महीने के लिए मायके भाग जा जल्दी
पत्नी: ठीक है जा रही हूँ !
मरीज: डॉ साहब करो ना कुछ
डॉक्टर : भाई कुछ नहीं हुआ है तेरे को! ये ले 500 रूपये और चार बियर ले आ, दोनों पियेंगे….
और हाँ, ये हरी टी शर्ट निकाल के जाना!

😂😂😂😂😂

तेरी मौजूदगी का अहसास

तेरी मौजूदगी का अहसास...

तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नजर आता है,
मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नजर आता है,
कैसी उदास है जिंदगी… बिन तेरे… हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नजर आता है।

सुबह की प्यारी किरन बोली मुझसे,

सुबह की प्यारी किरन बोली मुझसे,
उठकर बाहर देखों कितना हसीन “नाजारा” है,
मैंने कहा रूक, पहेले उसे तो SMS कर लूँ
जो इस सुबह से भी ज्यादा “प्यारा” है…

छीन ली हमारी मोहब्बत

छीन ली हमारी मोहब्बत…

खामोश फ़िज़ा थी कोई साया न था,
इस शहर में मुझसा कोई आया न था,
किसी ज़ुल्म ने छीन ली हम से हमारी मोहब्बत,
हमने तो किसी का दिल दुखाया न था।

आज और 1 सुबह मेरे झोली में डाल तो दी है,

आज और 1 सुबह मेरे झोली में डाल तो दी है,
मेरे मालिक…
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अब हल लम्हें को तेरे ही मुताबिक गुजारू,
ये काबिलियत भी दे दे…
सुप्रभात… आपका दिन मंगलमय हो…

सुख भी बहोत है,

सुख भी बहोत है,
परेशानियाँ भी बहोत है,
जिंदगी में लाभ है तो
हानियाँ भी बहोत है…
क्या हुआ जो “भगवान” ने थो़ड़े ग़म दे दिये,
उसकी हम पर
“महेरबानियाँ” भी बहोत है…

देर मैंने ही लगाई पहेचानने में ऐ “भगवान”

देर मैंने ही लगाई पहेचानने में ऐ “भगवान”
वरना तूने जो दिया उसका तो कोई हिसाब ही नहीं, जैसे
जैसे में सर को झूकाता चला गया,
वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया…
With Pray… Good Morning…

कैसे मान लूँ कि, तू पल-पल में सामिल नहीं

कैसे मान लूँ कि, तू पल-पल में सामिल नहीं,
कैसे मान लूँ कि, तू हर चीज में हाजीर नही,
कैसे मान लूँ कि, तूझे मेरी परवाह नहीं,
कैसे मान लूँ कि, तू दूर है पास नहीं…
Good Morning…

खिलखिलाती सुबह, ताजगी से भरा सबेरा है,

खिलखिलाती सुबह, ताजगी से भरा सबेरा है,
फूलों और बहारों ने आपके लिए रंग बिखेरा है
सुबह कह रही है जग जाओ
आपकी मुस्कुराहट के बिना सब अधूरा है!

फिर पा न सकोगे

फिर पा न सकोगे…

खोकर हमें फिर पा न सकोगे,
जहाँ हम होंगे वह आ न सकोगे,
हरपल हमें महसूस तो करोगे लेकिन
पर हम होंगे वहां जहाँ से
हमें फिर बुला न सकोगे।