*कभी ना कहो की*
*दिन अपने ख़राब है*
*समझ लो की हम*
*काँटों से घिर गए गुलाब है*

*”रखो हौंसला वो मंज़र भी आयेगा;*
*प्यासे के पास चलकर समंदर भी*
*आयेगा..!*
*थक कर ना बैठो, ऐ मंजिल के मुसाफ़िर;*
*मंजिल भी मिलेगी और*
*जीने का मजा भी आयेगा…!!”*

🌸 Good Morning🌸